हाथ में खंजर ही नहीं आँखों में पानी भी चाहिए
हम वहां भी कदम रखते है, जहां रास्ता नहीं होता…!
क्या बदमाशी शायरी सिर्फ दोस्तों के बीच की जाती है?
जो शरारत भी है और इश्क़ भी — दोनों का मेल कमाल है।
दुश्मनों की नींद उड़ाने का हुनर आज भी है।
हरा कर कोई जान भी ले जाए तो मंजूर है मुझको
जो भी देखे कहे — “ये तो पूरी बवाल है भोले!”
तेरी आँखों में जो बात है, वो ज़ुबां पर नहीं आती,
ना पेशी होगी ना गवाही होगी जो हमसे बदमाशी करेगा सीधी सी बात है तबाही होगी !!
नाम सुनते ही बड़े-बड़े झुक जाते हैं सलाम करने को website !!
हमारी चाल ऐसी है, जो जानलेवा साबित होती है,
हमें कम आँका, तो भूल गया कि आग हवा से नहीं — रुतबे से उड़ती है ✨
नाम तो सबका चलता है, पर दबदबा सिर्फ हमारा होता है,
शेर पिंजरे में बंद हो तो जोकर कहलाता है